चंडीगढ़। पंजाब कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष बदलने की अटकलों पर आखिरकार विराम लग गया है। पार्टी के पंजाब प्रभारी और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने स्पष्ट कर दिया है कि अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ही पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष बने रहेंगे। उन्होंने दो टूक कहा कि कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन कोई “गुड्डा-गुड्डी का खेल” नहीं है और आलाकमान के फैसले वापस लेने की परंपरा नहीं रही है।
- नेतृत्व पर कांग्रेस का स्पष्ट संदेश
भूपेश बघेल ने कहा कि पंजाब कांग्रेस के जिला अध्यक्षों और पीसीसी सदस्यों ने सर्वसम्मति से आलाकमान के फैसले का स्वागत किया है। साथ ही पार्टी के तीनों कार्यकारी अध्यक्षों को भी नेताओं ने बधाई दी। उन्होंने कहा कि संगठन को मजबूत करने और आगामी चुनावों की तैयारी के लिए सभी नेताओं को एकजुट होकर काम करना होगा।
- नाराज नेताओं से होगी बातचीत
पार्टी में चल रही गुटबाजी को लेकर बघेल ने कहा कि उनकी पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और वरिष्ठ नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा से बातचीत हो चुकी है। उन्होंने भरोसा जताया कि जल्द ही सभी मतभेद दूर कर लिए जाएंगे। बघेल ने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो वह स्वयं नेताओं के घर जाकर मुलाकात करेंगे ताकि संगठन में एकजुटता बनी रहे।
- कई दिनों से चल रही थीं अटकलें
पंजाब कांग्रेस में पिछले कुछ समय से नेतृत्व परिवर्तन को लेकर चर्चाएं तेज थीं। पार्टी के एक वर्ग की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को प्रदेश अध्यक्ष बनाने की मांग भी उठाई जा रही थी। इसी बीच संगठन में बढ़ती गुटबाजी को सुलझाने के लिए भूपेश बघेल पांच दिवसीय दौरे पर पंजाब पहुंचे और उन्होंने वरिष्ठ नेताओं के साथ लगातार बैठकें कीं।
- संगठन को मजबूत करने पर फोकस
भूपेश बघेल के इस बयान के बाद साफ हो गया है कि फिलहाल कांग्रेस नेतृत्व पंजाब में किसी बड़े संगठनात्मक बदलाव के मूड में नहीं है। पार्टी अब अंदरूनी मतभेद खत्म कर संगठन को मजबूत करने और आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए एकजुट होकर तैयारी करने पर जोर दे रही है।
