कोलकाता: तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सांसद महुआ मोइत्रा ने पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता और भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी को लेकर एक भावुक किस्सा साझा किया है। उन्होंने बताया कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद शुभेंदु अधिकारी ने उनके राजनीतिक जीवन के शुरुआती दौर में उनका काफी समर्थन किया था।
महुआ मोइत्रा ने कहा कि जब उन्हें शुरुआत में लोकसभा चुनाव का टिकट नहीं मिला था, तब वह बेहद निराश थीं और पूरी रात रोई थीं। उस कठिन समय में शुभेंदु अधिकारी ने उन्हें भरोसा दिलाया और उनका हौसला बढ़ाया। उन्होंने कहा कि उस दौर में पार्टी के कई नेताओं ने उनका साथ नहीं दिया, लेकिन शुभेंदु अधिकारी ने उनके लिए प्रचार किया और हर कदम पर सहयोग किया।
टीएमसी सांसद ने कहा, “शुभेंदु अधिकारी मेरे बहुत अच्छे दोस्त रहे हैं। जब हम दोनों एक ही पार्टी में थे, तब उन्होंने मेरा काफी समर्थन किया। उनकी मदद और सहयोग को मैं कभी नहीं भूल सकती। आज वह दूसरी पार्टी में हैं, इसलिए अब हमारी बातचीत कम होती है, लेकिन उनके प्रति मेरे मन में सम्मान बना हुआ है।”
महुआ मोइत्रा ने यह भी कहा कि करीमपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने के दौरान शुभेंदु अधिकारी ने उनके लिए सक्रिय रूप से प्रचार किया था। उन्होंने कहा कि उस समय पार्टी के अन्य नेताओं की तुलना में शुभेंदु ने उन्हें अधिक सहयोग दिया।
इस दौरान महुआ मोइत्रा ने टीएमसी और कांग्रेस के संबंधों पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि वैचारिक स्तर पर टीएमसी और कांग्रेस के बीच कई समानताएं हैं, लेकिन टीएमसी का कांग्रेस में विलय होने की अटकलें पूरी तरह निराधार हैं।
उन्होंने स्पष्ट कहा, “टीएमसी का कांग्रेस में विलय नहीं होने जा रहा है। हमारी पार्टी की प्रमुख ममता बनर्जी हैं और पार्टी के संविधान के अनुसार वह आजीवन चेयरपर्सन हैं। विलय की खबरों में कोई सच्चाई नहीं है।”
महुआ मोइत्रा के इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज कर दी है, क्योंकि उन्होंने ऐसे समय में शुभेंदु अधिकारी की खुलकर प्रशंसा की है जब दोनों नेता अलग-अलग राजनीतिक दलों में हैं और बंगाल की राजनीति में आमने-सामने दिखाई देते हैं।
