चंडीगढ़। पंजाब में एक पुलिस इंस्पेक्टर पर अमेरिका की जांच एजेंसी FBI द्वारा लगाए गए कथित आरोपों को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है। कांग्रेस सांसद और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने इस पूरे मामले को बेहद गंभीर बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि यदि पंजाब पुलिस का कोई अधिकारी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संगठित अपराध से जुड़े किसी मामले में जांच के दायरे में आया है, तो यह राज्य की कानून-व्यवस्था और पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न है।
चन्नी ने मांग की कि मामले की जांच पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ कराई जाए। उन्होंने कहा कि सरकार को राजनीतिक दबाव या किसी भी प्रकार के प्रभाव से ऊपर उठकर सच्चाई जनता के सामने लानी चाहिए। यदि आरोप सही साबित होते हैं, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए ताकि कानून के प्रति लोगों का विश्वास बना रहे।
पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ समय से पंजाब में अपराध, गैंगस्टर नेटवर्क और कानून-व्यवस्था को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में यदि किसी पुलिस अधिकारी का नाम अंतरराष्ट्रीय जांच एजेंसी की चार्जशीट में सामने आता है, तो सरकार की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि पंजाब की छवि को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाना चाहिए।
दरअसल, अमेरिकी जांच एजेंसी FBI की एक कार्रवाई में पंजाब पुलिस के इंस्पेक्टर गुरिंदरजीत सिंह नागरा का नाम कथित तौर पर 4 लाख अमेरिकी डॉलर की रंगदारी और गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़े मामले में सामने आया है। आरोप सामने आने के बाद पंजाब पुलिस ने संबंधित अधिकारी का तबादला कर उन्हें पुलिस लाइन भेज दिया है और पूरे मामले की विभागीय जांच शुरू कर दी है।
चन्नी ने कहा कि पंजाब पुलिस की देशभर में एक मजबूत और पेशेवर छवि रही है। ऐसे मामलों से पूरी पुलिस फोर्स की प्रतिष्ठा प्रभावित होती है। इसलिए सरकार को केवल औपचारिक कार्रवाई तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि मामले की हर पहलू से गहन जांच कर दोषियों को कानून के अनुसार सजा दिलानी चाहिए।
हालांकि, पंजाब सरकार या पुलिस की ओर से अभी तक इन आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि विभागीय जांच जारी है और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस बीच विपक्ष ने सरकार से मामले की प्रगति सार्वजनिक करने और पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाए रखने की मांग की है।
अब यह मामला केवल एक पुलिस अधिकारी तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि पंजाब की कानून-व्यवस्था, पुलिस तंत्र की जवाबदेही और सरकार की कार्यशैली पर भी राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट और सरकार की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।
