नई दिल्ली। पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (PoJK) में चुनावी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठने लगे हैं। मानवाधिकार परिषद ने चुनाव की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर चिंता जताते हुए पूरी चुनाव प्रक्रिया का स्वतंत्र और निष्पक्ष ऑडिट कराने की मांग की है।
परिषद ने मतदान और मतगणना से जुड़े आंकड़े सार्वजनिक करने पर जोर दिया है। इसमें मतदान केंद्रवार पड़े वोट, खारिज मतपत्र और अंतिम परिणामों से संबंधित रिकॉर्ड शामिल हैं, ताकि चुनाव प्रक्रिया की स्वतंत्र समीक्षा की जा सके।
रिपोर्ट के अनुसार PoJK की कुछ विधानसभा सीटों पर अभी मतदान नहीं हुआ है। ऐसे में सरकार गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ने के बावजूद चुनावी प्रक्रिया पूरी होने को लेकर सवाल बने हुए हैं। मानवाधिकार परिषद ने लंबित मतदान के साथ चुनाव के दौरान सामने आई हिंसा, कम मतदान और राजनीतिक गतिविधियों से जुड़ी शिकायतों की भी निष्पक्ष जांच की मांग की है।
परिषद का कहना है कि किसी भी लोकतांत्रिक चुनाव की विश्वसनीयता के लिए पारदर्शिता, मतदाताओं की स्वतंत्र भागीदारी और जनता का भरोसा बेहद जरूरी है। अब निगाहें लंबित सीटों पर मतदान और चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठे सवालों के समाधान पर टिकी हैं।
