बेंगलुरु: कर्नाटक के आईटी-बीटी और ग्रामीण विकास मंत्री प्रियंक खरगे ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगर RSS राम मंदिर के निर्माण का श्रेय (क्रेडिट) लेती है, तो उसे मंदिर के चंदे में हुई कथित हेरा-फेरी (‘चंदा चोरी’) की जिम्मेदारी भी लेनी चाहिए।
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान खरगे ने इस पूरे मामले पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और RSS प्रमुख मोहन भागवत की खामोशी पर सवाल उठाए।
बयान के मुख्य बिंदु:
- खुली चुनौती: प्रियंक खरगे ने RSS प्रमुख मोहन भागवत को एक खुली प्रेस कॉन्फ्रेंस करने की चुनौती दी है। उन्होंने कहा, “अगर आपने राम मंदिर बनाने का क्रेडिट लिया है, तो चंदा चोरी का भी क्रेडिट लीजिए। हमें बताइए कि चोर कौन हैं और कितना चंदा मिला है?”
- पेपर लीक मामले पर घेराव: खरगे ने सिर्फ मंदिर मामले पर ही नहीं, बल्कि देश में चल रहे NEET-UG 2026 पेपर लीक, महाराष्ट्र TET और UGC-NET जैसी परीक्षाओं की गड़बड़ियों को लेकर भी सरकार को घेरा।
- ‘NEET पे चर्चा’ की मांग: पीएम मोदी के ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम पर तंज कसते हुए उन्होंने पूछा कि प्रधानमंत्री ‘NEET पेपर लीक पे चर्चा’ कब करेंगे? उन्होंने दावा किया कि पिछले 10 सालों में लगभग 90 पेपर लीक हुए हैं, जिसने देश के युवाओं का भविष्य खतरे में डाल दिया है।
इस पूरे मामले को लेकर राजनीति में एक बार फिर गरमा-गरमी बढ़ गई है, जहां एक तरफ विपक्ष मंदिर के चंदे में पारदर्शिता की मांग कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ प्रतियोगी परीक्षाओं में हो रही गड़बड़ियों पर सरकार से जवाब मांग रहा है।
मुख्य स्रोत: एशियन न्यूज इंटरनेशनल (ANI)
