मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) को लेकर चल रही बंटवारे की अटकलों के बीच पार्टी प्रमुख शरद पवार ने पहली बार खुलकर प्रतिक्रिया दी है। एनसीपी (SP) के संभावित विभाजन और एनडीए के साथ जाने की चर्चाओं पर उन्होंने फिलहाल किसी भी तरह की अटकलों को हवा देने से इनकार करते हुए कहा कि “यह समय इस विषय पर बात करने का नहीं है।” उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
सोनम वांगचुक मामले में केंद्र पर साधा निशाना
शरद पवार ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से जुड़े घटनाक्रम पर केंद्र सरकार की कार्यशैली की आलोचना की। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस पूरे मामले में गैर-जिम्मेदाराना रवैया अपनाया है और विपक्ष इस मुद्दे को संसद में मजबूती से उठाएगा।
पवार ने कहा कि शिक्षा मंत्री की कथित विफलता के कारण हजारों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है और इसी जवाबदेही की मांग को लेकर कई दिनों से आंदोलन चल रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष को पहले से अंदेशा था कि प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई होगी और सरकार ने वही किया।
उन्होंने कहा कि कई विपक्षी नेताओं ने आंदोलन स्थल पर जाकर सोनम वांगचुक से मुलाकात कर समर्थन दिया था, लेकिन बाद में पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर अस्पताल में भर्ती करा दिया। पवार ने स्पष्ट किया कि “यह आंदोलन खत्म नहीं हुआ है, बल्कि आगे भी जारी रहेगा।”
किसानों की कर्जमाफी पर सरकार को चेतावनी
किसानों की कर्जमाफी के मुद्दे पर भी शरद पवार ने राज्य सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि सरकार को पहले घोषित समय-सीमा के भीतर अपना वादा पूरा करना चाहिए था। हालांकि अब सरकार ने नई समय-सीमा तय की है, इसलिए उनकी पार्टी फिलहाल उसका इंतजार करेगी।
पवार ने कहा कि किसानों को कर्ज से मुक्ति दिलाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार तय समय में कर्जमाफी लागू कर देती है तो विपक्ष को कोई आपत्ति नहीं होगी, लेकिन यदि ऐसा नहीं हुआ तो एनसीपी (SP) राज्यव्यापी आंदोलन शुरू करेगी।
राजनीतिक संदेश
शरद पवार के ताजा बयान से साफ है कि उन्होंने फिलहाल पार्टी में संभावित बंटवारे या एनडीए में शामिल होने की अटकलों पर कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिया है। वहीं, किसानों, छात्रों और सोनम वांगचुक के मुद्दों पर सरकार को घेरते हुए उन्होंने विपक्ष की आक्रामक रणनीति के संकेत भी दिए हैं। अब सभी की नजर राज्य सरकार के अगले कदम और एनसीपी (SP) की आगामी राजनीतिक रणनीति पर टिकी हुई है।
