नई दिल्ली: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और तिरुवनंतपुरम से सांसद डॉ. शशि थरूर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्षों के कार्यकाल पर एक विस्तृत लेख लिखकर देश की राजनीतिक और आर्थिक दिशा पर महत्वपूर्ण चर्चा छेड़ दी है। अपने लेख में उन्होंने सरकार के प्रदर्शन को लेकर सकारात्मक और आलोचनात्मक—दोनों तरह के पहलुओं का संतुलित विश्लेषण किया है।
थरूर ने अपने लेख में माना है कि पिछले 12 वर्षों में भारत ने कई क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने विशेष रूप से आर्थिक आधुनिकीकरण, बुनियादी ढांचे के विकास और सरकारी तंत्र की कार्यक्षमता में सुधार को प्रमुख उपलब्धियों के रूप में रेखांकित किया। उनके अनुसार, इन वर्षों में देश की प्रशासनिक क्षमता को मजबूत करने और विकास की गति को तेज करने के लिए कई अहम कदम उठाए गए हैं।
हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस अवधि में कुछ ऐसे मुद्दे भी सामने आए हैं जिन पर गंभीर विचार करने की आवश्यकता है। थरूर ने कहा कि संस्थागत स्वतंत्रता, लोकतांत्रिक ढांचे की मजबूती और समाज के विभिन्न वर्गों, विशेषकर अल्पसंख्यकों की भागीदारी को लेकर कुछ चिंताएं भी उभरी हैं। उनके मुताबिक, यह पहलू भारत के दीर्घकालिक विकास और सामाजिक संतुलन के लिए महत्वपूर्ण हैं।
थरूर के इस लेख में यह भी संकेत दिया गया है कि भारत का भविष्य इन दोनों पहलुओं—तेजी से हो रहे आर्थिक विकास और सामाजिक-राजनीतिक संतुलन—के बीच सही तालमेल पर निर्भर करेगा। उन्होंने इसे 21वीं सदी में भारत की दिशा तय करने वाला एक निर्णायक दौर बताया है।
उनका यह लेख सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है, क्योंकि शशि थरूर अक्सर ऐसे मुद्दों पर खुलकर और संतुलित दृष्टिकोण रखते हुए दिखाई देते हैं, जो कई बार पार्टी लाइन से अलग भी माना जाता है।
