रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखने और आपातकालीन सेवाओं में पारदर्शिता लाने के लिए पुलिस प्रशासन अब बेहद सख्त रुख अख्तियार कर चुका है। ड्यूटी के प्रति लापरवाही और गैर-जिम्मेदाराना रवैया अपनाने वाले पुलिसकर्मियों को कड़ा संदेश देते हुए रायपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है।
डायल 112 जैसी अति-संवेदनशील और आपातकालीन सेवा में तैनात एक आरक्षक को कर्तव्य में लापरवाही बरतने और अमर्यादित आचरण के आरोप में तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। मध्य क्षेत्र के पुलिस उपायुक्त (DCP) उमेश प्रसाद गुप्ता ने इस संबंध में आधिकारिक निलंबन आदेश जारी किया है। इस कार्रवाई के बाद से पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।
सस्पेंड आरक्षक ‘लाइन अटैच’, विभागीय जांच भी संभव
मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस विभाग की छवि धूमिल करने और आपातकालीन कॉल पर त्वरित एक्शन न लेने के आरोप में डायल 112 में तैनात आरक्षक क्रमांक 1250 संदीप शर्मा के खिलाफ यह दंडात्मक कार्रवाई की गई है। सस्पेंड किए गए आरक्षक को तत्काल प्रभाव से रक्षित केंद्र (पुलिस लाइन) रायपुर से संबद्ध कर दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक, निलंबन अवधि के दौरान आरक्षक के खिलाफ विभागीय जांच (Departmental Inquiry) भी बैठाई जा सकती है, ताकि घटना की पूरी कड़ियों को खंगाला जा सके।
जानिए क्या था पूरा घटनाक्रम?
यह पूरा मामला 30 जून 2026 की देर रात का है। रात के करीब 11:00 बजे जब शहर की सड़कें सूनी हो रही थीं, तभी पुलिस कंट्रोल रूम को एक गंभीर सड़क हादसे की सूचना मिली।
- घटनास्थल: देवेंद्र नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले वीआईपी मार्ग स्थित सिटी सेंटर मॉल के सामने की सर्विस रोड।
- हादसा: एक तेज रफ्तार कार और मोटरसाइकिल के बीच जबरदस्त भिड़ंत हुई थी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गया था और मौके पर राहगीरों की भीड़ जमा हो गई थी।
- लापरवाही: चूंकि मामला सड़क दुर्घटना और जान-माल की सुरक्षा से जुड़ा था, इसलिए कंट्रोल रूम ने ‘गोल्डन ऑवर’ (हादसे के बाद का पहला घंटा) को देखते हुए डायल 112 की टीम को तुरंत रिस्पॉन्स करने का निर्देश दिया। इस इमरजेंसी कॉल पर मौके के लिए आरक्षक संदीप शर्मा को रवाना किया गया था। लेकिन, आदेश के बावजूद आरक्षक घटनास्थल पर काफी विलंब से पहुंचा, जिससे घायल को समय पर अस्पताल पहुंचाने में देरी हुई।
‘अमर्यादित आचरण’ भी बना निलंबन की वजह
आधिकारिक आदेश के मुताबिक, आरक्षक संदीप शर्मा पर न सिर्फ घटनास्थल पर देरी से पहुंचने का आरोप है, बल्कि मौके पर पहुंचने के बाद उनका आचरण भी अमर्यादित और गैर-पेशेवर पाया गया। एक्सीडेंट जैसी अत्यंत गंभीर और संवेदनशील स्थिति में जहां पुलिस से संवेदनशीलता की उम्मीद की जाती है, वहां आरक्षक का रवैया ढीला-ढाला और उदासीन था। इसकी शिकायत जब आला अधिकारियों तक पहुंची, तो मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत संज्ञान लिया गया।
DCP उमेश प्रसाद गुप्ता की दोटूक- “कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी”
रायपुर के मध्य क्षेत्र के DCP उमेश प्रसाद गुप्ता ने इस कार्रवाई के जरिए पूरे पुलिस अमले को सख्त चेतावनी दी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आला अधिकारियों का साफ कहना है कि डायल 112 (EBRV) का गठन ही आम जनता को संकट के समय चंद मिनटों के भीतर सहायता पहुंचाने के लिए किया गया है। अगर एक्सीडेंट, आगजनी या किसी अपराध की सूचना पर भी पुलिस समय पर नहीं पहुंचेगी, तो जनता का खाकी पर से विश्वास उठ जाएगा।
