रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में महापौर मीनल चौबे से संबंधित एक कथित आपत्तिजनक वीडियो को लेकर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। मामले में एंकर सोमा देवांगन को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। जानकारी के अनुसार, पुलिस ने उन्हें उद्योग भवन के पास से पकड़ा और इसके बाद पूछताछ के लिए सिविल लाइन थाने ले जाया गया।
मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए एक वीडियो से जुड़ा है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि वीडियो में महापौर मीनल चौबे के खिलाफ कथित तौर पर गाली-गलौज और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने वीडियो के स्रोत और उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जाने की जांच शुरू की।
वायरल वीडियो को लेकर सामने आई शिकायत
पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक, विवादित वीडियो फेसबुक के अलावा एक पोर्टल और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी प्रसारित किया गया। शिकायत में दावा किया गया है कि वीडियो में एक युवक महापौर के खिलाफ कथित रूप से अभद्र टिप्पणी करता दिखाई देता है।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि वीडियो में महिलाओं के प्रति भी कथित तौर पर आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया गया। इसके साथ ही वीडियो के आपत्तिजनक हिस्से हटाए बिना उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित करने का आरोप लगाया गया है।
वीडियो बनाने और वायरल करने वालों की पड़ताल
मामले की जांच के दौरान पुलिस वीडियो के मूल स्रोत तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि वीडियो किसने बनाया, इसे किसने एडिट किया और सोशल मीडिया पर सबसे पहले किस अकाउंट या प्लेटफॉर्म से अपलोड किया गया।
इसके अलावा पुलिस वीडियो को आगे शेयर और प्रसारित करने वाले लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। इस दौरान सोशल मीडिया पोस्ट, वीडियो की डिजिटल जानकारी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को जांच का हिस्सा बनाया गया है।
उद्योग भवन के पास हुई गिरफ्तारी
पुलिस कार्रवाई के तहत सोमा देवांगन को उद्योग भवन के सामने से हिरासत में लिया गया। इसके बाद उन्हें सिविल लाइन थाना लाया गया, जहां मामले को लेकर पूछताछ की गई। पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे प्रकरण में सोमा की भूमिका क्या थी और वीडियो के प्रसार में उनके साथ कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था या नहीं।
जांच में सामने आने वाले डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई कर सकती है।
क्या वसूली के लिए बनाया गया था दबाव?
मामले को लेकर यह आरोप भी सामने आया है कि महापौर की छवि खराब करने के बाद कथित तौर पर पैसे की मांग या वसूली की कोशिश की जा रही थी। हालांकि, फिलहाल वसूली को लेकर किसी व्यक्ति की ओर से पुलिस में शिकायत मिलने की पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में इस पहलू को लेकर स्थिति पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी सच्चाई
फिलहाल पुलिस वायरल वीडियो और उससे जुड़े सोशल मीडिया रिकॉर्ड की जांच कर रही है। सोमा देवांगन से पूछताछ के जरिए पुलिस वीडियो के निर्माण, प्रसारण और उससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाने की कोशिश कर रही है।
पुलिस जांच में यदि अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों और डिजिटल साक्ष्यों पर निर्भर करेगी।
